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नागरिक अधिकार- पत्र

ग्राहकों के प्रति हमारी प्रमुख वचनबद्धता

हम करेंगे

  • आपके साथ किए सभी लेनदेनों में शिष्‍ट, उचित एवं विवेकपूर्ण व्‍यवहार;
  • आप इसके लिए निश्चिंत रहे कि हमारे दस्‍तावेज और प्रक्रिया सुस्‍पष्‍ट हैं और आपको गुमराह नहीं करेंगे एवं ये हमारे उत्‍पादों एवं सेवाओं के बारे में आपको स्‍पष्‍ट जानकारी देती है
  • आपके द्वारा चुने गए उत्‍पादों या सेवाओं पर आपको स्‍पष्‍ट जानकारी देंगे अर्थात ये कैसे कार्य करते हैं, नियम एवं शर्तें क्‍या हैं और इनपर लागू होने वाली ब्‍याज दर;
  • आपको नियमित रुप से विवरणियां भेजकर(जहांभी उपयुक्‍त हो) आपको आपके खाता या सेवा को इस्‍तेमाल करने में आपकी सहायता करेंगे  और हम आपको ब्‍याज दर, प्रभारों एवं नियम एवं शर्तों में होनेवाले संशोधनों से अवगत कराते रहेंगे;
  • गलतियों को तुरंत ठीक कर, शिकायतों के त्‍वरित निपटान और गलतियों पर लागू होनेवाले किसी भी प्रभारों को लौटाकर जो कार्य गलत हुए है उसे तुरंत एवं सहानुभूतिपूवर्क निपटान किया जाएगा;
  • आपसे संबंधित सभी व्‍यैक्तिक जानकारियों को निजी एवं गोपनीय माना जाएगा;
  • अपने नागरिक अधिकार पत्र को प्रचारित करेंगे, जिनकी प्रतियां उपलब्‍ध होंगी एवं यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे स्‍टाफ इन्‍हें प्रयोग करने हेतु प्रशिक्षित हैं.

हम अपने ग्राहकों से आशा करते हैं  कि

  • जमाओं या ऋणों हेतु (पात्र संस्‍थानों)आवेदन करते समय 'अपने ग्राहक को जानिए'  के दिशा-निर्देशों के पालन में हमारी मदद करें;
  • आपके खातों के सुरक्षा हेतु दी गई सावधानियां बरतें;
  • बैंक द्वारा दी जाने वाली सेवाओं जैसे कि ई-भुगतान का लाभ उठाएं;
  • अपने खातों के लिए नामांकन सुविधा का लाभ उठाएं;
  • ऐसे किसी भी व्‍यक्ति का परिचय ना कर वाएं जिन्‍हें आप व्‍यक्तिगत तौर पर नहीं जानते हों;
  • चैक, विप्रेषण, संग्रहण आदि की वापसी पर सेवा प्रभार का भुगतान करें.
  • आप हमारी सेवाओं पर अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराएं ताकि हम अपनी गलतियां सुधार सकें और अपनी ग्राहक सेवा को बेहतर कर सकें.

नागरिक अधिकार पत्र

  1. पृष्‍ठभूमि

1.1 राष्‍ट्रीय आवास बैंक की स्‍थापना 9 जुलाई, 1988 को राष्‍ट्रीय आवास बैंक अधिनियम 1987 के तहत आवास वित्‍त के लिए एक शीर्षस्‍थ संस्‍थान के रुप में हुई. रा.आ. बैंक के आधारभूत कार्यों का उल्‍लेख रा.आ.बैंक अधिनियम 1987 की प्रस्‍तावना  में की गई है-

स्‍थानीय और क्षेत्रीय दोनों स्‍तरों पर आवास वित्त संस्‍थानों को प्रोत्‍साहित करने हेतु और ऐसे संस्‍थानों को वित्‍त एवं अन्‍य सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए और इससे संबंधित मामले के लिए एक प्रमुख ऐजेंसी के रूप में

    • बैंक द्वारा की गई कई गतिविधियों को इस अधिकार पत्र में शामिल किया गया है. रा.आ. बैंक की गतिविधियां बहु-आयामी हैं. रा.आ. बैंक आवास वित्त क्षेत्रों के लिए नीति निर्माता संस्‍थान और आवास वित्‍त संस्‍थानों हेतु विनियामक है. बैंक सरकार व उसकी विभिन्‍न शाखाओं को केन्‍द्रीय व राज्‍य स्‍तरों पर नीतियों के प्रतिपादान में सहायता करता है.
    • रा.आ. बैंक की नीतियों जनसंख्‍या के सभी वर्गों विशेषतौर पर निम्‍न व मध्‍यम आय परिवारों के लिए सुदृढ़ व संपोषणीय आवास वित्त प्रणाली के विकास पर केंद्रित है. रा.आ. बैंक ने अपने अधिकार पत्र के तहत अनौपचारिक क्षेत्र में आवास कमी को संबोधित करते हुए उनकी जरूरतों को पहचाना है. रा.आ. बैंक जमा लिखितों के अतिरिक्‍त जनता के प्रतिनिधियों से प्रत्‍यक्ष रूप में सौदा नहीं करता. रा.आ. बैंक ने विशेषज्ञ उद्यमों द्वारा निरंतर परिचालन और सेवाओं के समर्थकारी वातावरण तैयार करने की ओर अपना प्रयास और ध्‍यान केंद्रित किया है. रा.आ. बैंक के कार्यक्रमों और पहल के परिणाम स्‍वरूप ग्रामीण, निम्‍न व मध्‍यम आय समूहों सहित समाज के सभी वर्गों में ऋण (लेने) का व्‍यापक प्रवाह हुआ है।

रा.आ. बैंक के लक्ष्‍य और उद्देश्‍य विवरण नीचे दिये गए हैं-

  1. लक्ष्‍य

आवास वित्त बाजार में स्थिरता के साथ विस्‍तार सहित प्रोत्‍साहन

  1. उद्देश्‍य

निम्‍न व मध्‍यम आय आवास को केन्‍द्र में रखने के साथ जनसंख्‍या के सभी वर्गों के लिए आवासीय जरूरतों हेतु बाजार क्षमता का कार्यान्‍वयन (को काम में लाना) तथा संवर्धन करना.

  1. संगठन

रा.आ. बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्ण स्‍वामित्‍व में हैं जिसने बैंक को  पूर्ण चुकता पूंजी उपलब्‍ध कराई है. इसके निदेशक मंडल में पर्यवेक्षक व्‍यापार मामलों का निर्देशन एवं प्रबंधन और रा.आ. बैंक (अधिनियम के अंतर्गत) व्‍यापार निहित है. रा.आ. बैंक पूरी तरह से एक अधिकारी उन्‍मुख, व्‍यावसायिक प्रबंधन संस्‍थान है. इसका मुख्‍य कार्यालय दिल्‍ली में है और अन्‍य कार्यालय मुंबई, हैदराबाद, बैंगलोर, चेन्‍नई, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद, पटना और भोपाल में है. इसके विभिन्‍न स्‍तरों पर 86 अधिकारी हैं. रा.आ. बैंक अपने अध्‍यादेश के प्रति सेवा समर्पित है जो कि अधिकारियों के लिए पूणर्तः व्‍यावसायी वातावरण देने के साथ नवोन्‍मुख, समका‍लीन कार्य अभ्‍यास और गहन तकनीकीयुक्‍त संस्कृति पर ध्‍यान केंद्रित रखता है. वर्तमान में बैंक के निम्‍नलिखित विभाग व कार्यक्षेत्र हैं:-

  • विनियमन एवं पर्यवेक्षण
  • पुनर्वित्त परिचालन
  • वित्तीय परियोजना परिचालन
  • सामर्थ्‍यकारी प्रक्रिया
  • सूचना तकनीकी
  • संसाधन संग्रहण एवं प्रबंधन
  • विकास एवं जोखिम प्रबंधन
  • बोर्ड एवं अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सचिवालय
  • कानूनी विभाग
  • रेजी़डेक्‍स और आवास नीति प्रकोष्‍ठ (कक्ष)
  1. कार्य

बैंक के मुख्‍य कार्यों के अंतर्गत संवर्धन एवं विकास, वित्त, विनियम एवं पर्यवेक्षण आते हैं। बैंक रा.आ. बैंक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्यकारी रूप से इन कार्यों को आपसी सहकारिता और सहिष्‍णु ढंग से निभाने पर विचार करता है. बैंक की नीतियां और गतिविधियां देश में आवास स्‍वामित्‍व बढा़ने के उद्देश्‍य सहित वर्ग के संस्‍थागत विकास और वित्त की ओर भी निशाना साधती हैं।

संवर्धन और विकास
बैंक का मुख्‍य उद्देश्‍य देश में आवास वित्त हेतु ऋण वितरण नेटवर्क को सुधारने/सुदृढ़ करने के लिए आवास वित्त संस्‍थानों को संवर्धन करना है. बैंक आवास वित्त संस्‍थानों के लिए समर्पित वृद्धि और वित्तीय सहायता प्रदान करने में मुख्‍य भूमिका निभाता है. इसके संवर्धन का हिस्‍सा होने के नाते रा.आ. बैंक ने आवास वित्त कंपनियों के लिए बराबर की भागीदारी योजना का भी प्रतिपादन किया है. ऋण संस्‍थानों की क्षमता को बढा़ने हेतु रा.आ. बैंक, बैंकों और आवास वित्त संस्‍थानों के लिए प्रशिक्षण व क्षमता बढोत्तरी कार्यक्रमों का संचालन करता है. नीति प्रतिपादन और संवर्धनीय कार्यसूची का हिस्‍सा होने के नाते रा.आ. बैंक पणधारकों का बडा़ समुदाय और व्‍यक्तिगत सहित बाजार भागीदारों के लिए अनुसंधान व विकासात्‍मक गतिविधियां, सर्वे का संचालन, डाटा संकलन, आवासीय सूचकांकों का निर्माण और संबंधित गतिविधियों की सूचनाओं का प्रसार आदि करता हैं।

 

    • विनियमन और पर्यवेक्षण

रा.आ. बैंक आवास वित्त (एचएफसी) कंपनियों को विनियामक निर्देश जारी करता है. बैंक प्रविष्टि स्‍तर पंजीकरण, दिशा निर्देश का निर्धारण, अनुपालनों की निगरानी, विनियामक समन्‍वयन और उपभोक्‍ता अन्‍तरापृष्‍ठ के माध्‍यम से आ.वि.कं. पर निगरानी रखता है. इस संबंध में बैंक का विनियमन व पर्यवेक्षण विभाग आ.वि.कं.  को जारी निर्देश, दिशा-निर्देश, ओन साइट व ऑफ साइट निगरानी के द्वारा व परिपत्र पर्यवेक्षित करता है. बैंक ने आ.वि.कं.  के लिए उपभोक्‍ता संबंधी दिशा-निर्देश, जारी किये हैं. जिसमें केवाईसी (अपने ग्राहक को जानिए) दिशा निर्देश और एफपीसी (उचित व्‍यवहार संहिता) शामिल हैं. विनियामक व पर्यवेक्षक की भूमिका से रा.आ.बैंक वित्त आवास प्रणाली विकसित करना चाहता है जिसके द्वारा आ.वि.कं. को सुदृढ़ व संपोषनीय मार्ग मिलेगा और बड़े पैमाने पर ऋण वितरण सेवा बन सकेगी और प्रभावी रूप से काम कर सकेगा.

    • वित्तीयन
      • रा.आ. बैंक के ग्राहकों में प्राथमिक संस्‍थान जैसे आ.वि.कं., वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी क्षेत्र के वित्तीय संस्‍थान शामिल हैं.
      • रा.आ.बैंक व्‍यक्तिगत उधारकर्त्ताओं को आवास ऋण के लिए पीएलआई के निर्धारित या अस्‍थाई ब्‍याज दर पर विभिन्‍न विकल्‍पों के साथ 15 वर्षों तक आवधिक ऋण के तौर पर 100 प्रतिशत की पुनर्वित्‍त सहायता का अवसर देता है। इसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्‍न आय समूह, गंदी बस्‍ती पुनर्विकास परियोजना और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के अतिरिक्‍त प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाओं की पहल की है. बैंक के पुनर्वित्‍त परिचालन विभाग द्वारा पुनर्वित्त की सहायता दी जाती है. यह बही ऋणों, बंधकों और प्रत्‍याभूतों के रूप में सुरक्षित प्रतिभूत हैं।
      • सार्वजनिक व निजी (संयुक्‍त उद्यम एवं सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत) दोनों क्षेत्रों में उधारकर्ताओं के प्रत्‍यक्ष वित्त की अवधि 1 से 10 वर्ष के लिए बढा़ई जाती है. परियोजना वित्‍त मोर्टगेज, प्राप्‍यों पर प्रभार, बैंक या सरकारी गारंटी, संपत्ति की दृष्टिबंधक, या अन्‍य प्रतिभूतियों जो राष्‍ट्रीय आवास बैंक को स्‍वीकार्य हो, के माध्‍यम से एजेंसी या परियोजना पर निर्भरता सुरक्षित करता है. राआबैंक सावधि या चल ब्‍याज दर के विकल्‍प प्रदान करता है. बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए प्रभाव को निर्धारित करने और ऋण दर के उद्देश्‍य के लिए खुद की आंतरिक ऋण मुल्‍यांकन मॉडल विकसित की है. प्रत्‍यक्ष वित्‍त सहायता सार्वजनिक आवास एजेंसियों (राज्‍य आवास बोर्डों और विकास प्राधिकरणों) और सूक्ष्‍म वित्‍त संस्‍थानों को बैंक के परियोजना वित्‍त विभाग द्वारा प्रदान की जाती है. 
  1. 'ग्राहकों' और 'उपभोक्‍ताओं' का ब्‍यौरा

6.1 ग्राहक(राष्‍ट्रीय आवास बैंक द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्‍त करना)
(i) प्राथमिक ऋण संस्‍थाएं (पीएलआई)
आवास वित्त कंपनियां
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक,
शहरी सहकारी बैंक
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और शीर्षस्‍थ सहकारी आवास वित्त समितियां

(ii)  एजेंसियों को प्रत्‍यक्ष वित्त

  • सार्वजनिक एजेंसी कंपनी अधिनियम के तहत केंद्रीय और राज्‍य विधानमंडल अधिनियमों के तहत निगमित एजेंसियां जैसेः-
  • राज्य आवास मंडल/संवर्धन न्‍यास
  • राज्य गंदी बस्‍ती निकासी मंडल/प्राधिकरण
  • विकास प्राधिकरण
  • नगरपालिका निगम/परषिद
  • शहरी विकास एवं आवास हेतु स्‍थानीय प्राधिकरण
  • कर्मचारी आवास परियोजना हेतु सार्वजनकि क्षेत्र कंपनियां
  • सरकार द्वारा विशिष्‍ट आवास कार्यक्रमों (जैसे भूकंप पुनर्वास आदि) के लिए एजेंसियों का निर्माण अथवा अधिसूचित सूक्ष्‍म वित्त संस्‍थान/ स्‍व सहायता समूह/गैर सरकारी संस्‍था/1860, सोसाइटी अधिनियम के तहत पंजीकृत समितियां और भारतीय कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत कंपनियां.

ग. संयुक्‍त उपक्रम और सार्वजनिक निजी भागीदारी
6.2 उपभोक्‍ता (हमारे जमाकर्ता)
(i) व्‍यक्तिगत/एचयूएफ/सोसाइटी और न्‍यास/साझेदारी कंपनी/लोक संस्‍था
(ii)  आवास वित्त कंपनी

  1. सेवाओं का विवरण

रा.आ.बैंक अपने ग्राहकों व उपभोक्‍ताओं को पर्याप्‍त व संतोषजनक सेवाएं देने के लिए अग्रसर है. बैंक का अपने ग्राहकों के लिए एक सक्रिय संचार चैनल है जिसमें शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई और उसका समाधान किया जाता है. राआबैंक अपने ग्राहकों और उपभोक्ताओं की सौदे से संबंधित कोई सेवा अवज्ञा अथवा अंतर की तुरंत सूचना देने के आचार-व्‍यवहार के लिए प्रोत्‍साहित करता है। वित्‍त सहायता और उससे जुडी़ प्रक्रिया विधि से संबंधित विवरण हमारी वेबसाइट पर उपलब्‍ध है।

    • बैंक प्रत्‍यक्ष सहायता के माध्‍यम से परियोजना ऋण की तरह ही व्‍यक्तिगत आवास ऋण (पुनर्वित्‍त योजना के माध्‍यम से) के लिए वित्त सहायता का अवसर देता है। रा.आ.बैंक की सेवा उपलब्‍ध करवाने के लिए बैंक ग्राहक संस्‍थानों और उपभोग समूहों के लिए उनकी परियोजना का प्रतिपादन और केस की तैयारी के सिलसिले में तकनीकी सेवाओं और दिशा निर्देश का भी विस्‍तार करती है।
    • राआबैंक ने उचित ऋण व्‍यवहार संहिता को अपनाया है जिसे उसके बोर्ड ने उपरोक्‍त गतिविधियों के लिए अनुमोदित किया है और ये बैंक के वेबसाइट पर भी उपलब्‍ध है.

इस उद्देश्‍य हेतु   बैंक ने राआबैंक के विरुद्ध यदि कोई मामला/शिकायत है तो उसके समाधान के लिए एक वरिष्‍ठ अधिकरी को शिकायत निवारण अधिकारी के रुप में पदस्‍थापित किया है. बैंक ने एक ग्राहक सेवा समिति का भी गठन किया है जो कि बैंक के विभिन्‍न विभागों के माध्‍यम से प्रणाली और रा.आ.बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली ग्राहक सेवा की समीक्षा करता है .

    • रा.आ.बैंक वर्तमान में तीन जमा योजनाएं चला रहा है ये हैं: रा.आ.बैंक सुनिधि सावधि जमा योजना, रा.आ.बैंक सुवृद्धि (कर बचत) सावधि जमा योजना और एचएफसी के लिए विशेष सावधि जमा योजना। योजनाओं का विवरण, ब्‍याज दर व अन्‍य नियम और शर्तों का विवरण हमारी वेबसाइट (http://www.nhb.org.in/Deposit Scheme/Deposit Schemes.php)पर उपलब्‍ध है और यदि कोई परिवर्तन होता है तो तुरंत अधिसूचित किया जाता है.
  1. शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था
    •  बैंक ने अपने ग्राहकों व उपभोक्‍ताओं के लिए आंतरिक शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था बनाई है। यदि बैंक के विरूद्ध कोई शिकायत/मुद्दें हैं तो बैंक के उपभोक्‍ता, उधारकर्ता, जमाकर्ता और सामान्‍य लोक सदस्‍य शिकायत निवारण अधिकारी को अपनी शिकायत भेज सकते हैं। शिकायत निवारण अधिकारी शिकयतों/मुद्दों का निपटान और समाधान हेतु सभसी आवश्‍यक कदम उठाएगा और अधिमानतः इसमें 30 दिनों का समय लेगा. यदि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत के निवारण से संतुष्‍ट नहीं है तो वह उचित कार्यवाही के लिए अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को संपर्क कर सकता/सकती है। इसके अतिरिक्‍त केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण और मॉनीटरिंग प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के लिए एक वरिष्‍ठ अधिकारी को अनुपालन अधिकारी के रूप में नियुक्‍त किया गया है जो शिकायतों की प्रणाली  के अंतर्गत निगरानी करेगा।

रा.आ. बैंक ने रा.आ. बैंक के विरूद्ध मुद्दें/शिकायतों के निवारण हेतु निम्‍नलिखित अधिकारी को शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में नियुक्‍त किया है।

श्री आर एस गर्ग
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
कोर- 5ए, 3-5 मंजिल,
इंडिया हैबिटेट सेंटर
लोधी रोड, नई दिल्‍ली 110003
टेलीफोन: 24649043
ईमेल आइडी: rsgarg@nhb.org.in

रा.आ. बैंक के वर्तमान अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का विवरण निम्नलिखित हैं

श्री आर.वी. वर्मा
अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (15 सितम्‍बर, 2010 से पद ग्रहण)
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
कोर- 5ए, 3-5 मंजिल,
इंडिया हैबिटेट सेंटर
लोधी रोड, नई दिल्‍ली 110003
फोन नं. 011-24642722
फैक्‍स:  011-24649030

    • सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 5(1) की शर्त के अनुसार रा.आ.बैंक ने बैंक के लिए दो वरिष्‍ठ कार्यपालक, केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी और वैकल्पिक केन्‍द्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी नियुक्‍त किये हैं। इसके अतिरिक्‍त बैंक ने केन्‍द्रीय सूचना आयोग की निर्देशित तिथि 15.11.2010 के अनुपालन में एक अन्‍य वरिष्‍ठ कार्यपालक को पारदर्शिता अधिकारी के तौर पर नियुक्‍त किया है। उपरोक्‍त अधिकारियों और प्राधिकरणों का विवरण बैंक की वेबसाइट में सूचना अधिकार पृष्‍ठ पर उपलब्‍ध है।

पारदर्शिता अधिकारी का विवरण निम्‍नलिखित है:

श्री आर एस गर्ग
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
कोर- 5ए, 3-5 मंजिल,
इंडिया हैबिटेट सेंटर
लोधी रोड, नई दिल्‍ली 110003
टेलीफोन: 011-24649043 ईमेल आइडी: rsgarg@nhb.org.in

    • विनियामक और पर्यवेक्षक की भूमिका का हिस्‍सा होने के नाते बैंक ने आ.वि.कं. के लिए उचित व्‍यवहार संहिता पर आदर्श दिशा निर्देश प्रतिपादित किया है ताकि अपने बोर्ड के अनुमोदन को अपनाने और अपने संगठनों के लिए शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कर सके। यह संहिता अपने उपभोक्‍ताओं के लिए पारदर्शी और उचित व्‍यवहार हेतु सौदे के मानकों के संवर्धन की ओर उन्‍मुख है ताकि उपभोक्‍ताओं को सही ढंग से समझ आ जाए कि क्‍या वह सेवाओं से आशानुरूप प्राप्‍त कर रहा है। रा.आ.बैंक बाजार शक्तियों के स्‍वस्‍थ परिचालन को प्रोत्‍साहित करता है, सरकारी व अन्‍य संबंधित प्राधिकरणों की नीतियों और सिग्‍नलों के साथ लगातार जुडा़ रहता है ताकि नीतियों की सत्‍यता जनता को प्रतिस्‍पर्धा के लाभ उपलब्‍ध हो सके। रा.आ.बैंक विनियम इकाईयों को उच्‍चत्तर प्रचालक मानकों, को प्राप्‍त करने हेतु प्रोत्‍साहित करता है, उपभोक्‍ताओं के साथ उचित व हार्दिक संबंध बनाने की ओर अग्रसित रहता है और बाजार संबंधी अवसरों और विकल्‍पों का अवसर देता है। जनहित के अंतर्गत राआबैंक ने एफपीसी को अपनाया व अनुपालन करने के लिए एचएफसी को निर्मित किया है, जो अपने बोर्ड द्वारा अनुमोदित है और अपने ग्राहकों को इसके बारे में सजग करने के लिए वेबसाइट की जानकारी देता है और शाखा स्‍तरीय कार्यक्रमों का संचालन करता है। इसके अतरिक्‍त एचएफसी से असंतुष्‍ट लोग शिकायत निवारण हेतु रा.आ.बैंक को भी लिख सकते हैं। बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण क्षेत्र शिकायतों को लेते व निवारण करते हैं। रा.आ.बैंक एचएफसी के उपभोक्‍ताओं की शिकायतें या तो प्रत्‍यक्ष रूप में या फिर भारत सरकार/भारतीय रिजर्व बैंक/ओमबुड्समैन और अन्‍य स्रोतों के माध्‍यम से प्राप्‍त करता है। इन शिकायतों को प्राप्‍त करके प्रक्रिया में लाकर एचएफसी से संबंधित अनुकूल निवारण किया जाता है। शिकायतकर्ता के साथ करीबी अनुवर्त्ती बनाया जाता है।
    • बैंक द्वारा शिकायतों का उम्रवार विश्‍लेषण तैयार किया जाता है और उच्‍च स्‍तर पर समीक्षा और निगरानी हेतु बोर्ड के समक्ष पेश किया जाता है । शिकायत करने के लिए प्रपत्र प्रदान किये जाते हैं एवं बैंक असंतुष्‍ट/ग्राहकों/उपभोक्‍ताओं को प्रपत्र का इस्‍तेमाल करने के लिए सीधे बैंक से संपर्क करने के लिए प्रोत्‍साहित करता है। अगर शिकायतकर्ता प्राप्‍त उत्‍तरों से फिर भी असंतुष्टी है तो वह बैंक द्वारा मुख्‍य कार्यालय में पदस्‍थापित नोडल अधिकारी को नीचे दिए पते पर मामले की पूर्ण जानकारी दे सकता है, ताकि शिकायत का निवारण हो सके:

श्री आर एस गर्ग
राष्‍ट्रीय आवास बैंक
कोर- 5ए, 3-5 मंजिल,
इंडिया हैबिटेट सेंटर
लोदी रोड, नई दिल्‍ली 110003
टेलीफोन: 24649043 ईमेल आइडी: rsgarg@nhb.org.in

    • उपरोक्‍त सारे व्‍यापक प्रशासन/माध्‍यमों के पश्‍चात् यदि ग्राहक/उपभोक्‍ता संतुष्‍ट नहीं है तो वह रा.आ.बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को लिख सकते हैं इसके बावजूद भी यदि वह संतुष्‍ट नहीं है तो वह निम्‍नलिखित पर कार्रवाई कर सकते हैं-

निर्देशक, प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार, सरदार पटेल भवन,
संसद मार्ग, नई दिल्‍ली- 110001

हमारे सभी ग्राहकों के अनुरोध पर नागरिक अधिकार प्रत्र की प्रतियां हमारे क्षेत्रीय कार्यालय एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि कार्यालय एवं हमारे वेबसाइट पर उपलब्‍ध होंगे. हमें आशा है कि हमारे सभी कर्मचारी को इन दस्‍तावेजों में दिए गए वचनबद्धता को जानते हैं और ईमानदारी पूर्वक इसे लागू करेगें.

यह विधिक दस्‍तावेज नहीं है जो अधिकार और दायित्‍व सौंपते है। यह अधिकार देश के नागरिकों की सेवा और अधिकार पत्रों की शर्तों पर पत्र बैंक के व्‍यापार से संबंधित विभिन्‍न गतिविधियों के उचित आचार संहिता के संवंर्धन और सूचना देने के संबंध में तैयार किया गया है

 
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