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निविदा सूचना

आन्तरिक लेखा-परीक्षकों की नियुक्ति के लिए रुि की अभिव्यक्ति

राष्ट्रीय आवास बैंक, नई दिल्ली वित्त वर्ष 2009-10 के लिए बैंक के ''आन्तरिक/समवर्ती लेखा परीक्षकों' की नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के यहां पंजीकृत ख्याति प्राप्त लेखा परीक्षक फर्मों से रुच्चि की अभिव्यक्ति आमंत्रित करता है जिनका मुख्य कार्यालय/शाखा कार्यालय (भागीदार के साथ) दिल्ली/मुम्बई में हो ।

रु चि की अभिव्यक्ति के साथ-साथ प्रोफाइल, विगत अनुभव और अनुमानित वार्षिक पारिशमिक ''उप महाप्रबंधक, विकास एवं जोखिम प्रबंधन विभाग, राष्ट्रीय आवास बैंक, कोर 5-ए, पांचवी मंजिल, इंडिया हैबीटैट सेंटर, नई दिल्ली-110003'' को इस मांग की तारीख से 15 दिनों के अंदर मुहर बंद लिफाफे में भेजें । लेखा परीक्षकों को बैंकों/विकास वित्तीय संस्थानों के आन्तरिक/समवर्ती लेखा परीक्षा का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए ।

 

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय आवास बैंक (रा.आ.बैंक) की स्थापना शीर्ष वित्त संस्थान के रूप में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक के सम्पूर्ण स्वामित्व में जुलाई 1988 में की गई थी ।

राष्ट्रीय आवास बैंक का मुख्य कार्यालय दिल्ली में है और एक कार्यालय मुम्बई में है । मुख्य कार्यालय के कार्यों में सभी नीतिगत मामले, संवर्धनात्मक एवं विकासात्मक कार्य, आवास वित्त कंपनियों का विनियमन एवं पर्यवेक्षण तथा पुनर्वित्त व परियोजना वित्त संबंधी कार्य शामिल हैं । राजकोषीय परिचालन मुख्य कार्यालय में होता है । रा.आ.बैंक के कार्यें का संचालन राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के अनुसार होता है । लेखा अनुरक्षण तथा लेखा की वार्षिक विवरणी राष्ट्रीय आवास बैंक सामान्य विनियमावली, 1988 के अनुसार तैयार की जाती है ।

मुख्य कार्यालय के वित्त कार्यों में प्रत्यक्ष आवास ऋणों एवं परियोजना ऋणों, अन्य आवास वित्त संस्थानों को ऋणों व अग्रिमों की संस्वीकृति और राजस्व (मुख्यत: प्रशासनिक उपरिव्यय) तथा पूंजीगत व्यय के साथ-साथ स्टाफ ऋणों की मंजूरी और संवितरण करना शामिल है । मुम्बई कार्यालय के वित्त कार्यों में पुनर्वित्त का संवितरण व वसूली, संसाधनों को जुटाना व ऋण सेवाई, राजस्व की संस्वीकृति और भुगतान (मुख्यत: प्रशासनिक उपरिव्यय), निवेश व पूंजीगत व्यय शामिल हैं ।

2. कार्य क्षेत्र तथा उद्देश्य

आन्तरिक लेखा परीक्षा का क्षेत्र तथा उद्देश्य सतत आधार पर निम्नानुसार होंगे -

क - लेखाओं की जांच (संसाधन एवं निवेश सहित), व्यय लेखा परीक्षा, वसूलनीय/देय, अचल परिसम्पत्ति, संदिग्ध एवं फुटकर लेखा तथा अन्य संबंधित अभिलेख और परिसम्पत्तियों व देयताओं का सत्यापन ताकि सुनिश्चित हो सके कि लेनदेनों का शीघ्र व सही-सही दर्ज किया जाता है और उनका मिलान किया जाता है । इस उद्देश्य के लिए, खातों में दर्ज किये लेनदेनों की जांच शुरूआती दस्तावेजों के आधार पर की जाए और जहां कहीं आवश्यक हो वहां सांख्यिकीय तुलना की जाए । इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि

(i) प्रबंधन और जोखिम प्रबंधन द्वारा निर्धारित नीतियों तथा प्रक्रिया और इनके न होने पर सुस्थापित नीतियों और प्रक्रियाओं का मुख्य कार्यालय तथा मुम्बई कार्यालय दोनों के द्वारा अनुसरण किया गया ।

(ii) सांविधिक अपेक्षाओं यथा राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987, राष्ट्रीय आवास बैंक (संशोधित) अधिनियम, 2001, आवास वित्त कंपनी (रा.आ.बैंक) निर्देश, 2001, रा.आ.बैंक सामान्य विनियमावली के प्रावधानों, अन्य कानूनों के प्रावधानों, भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों व दिशा निर्देशों आदि का अनुपालन किया गया ।

(iii) वित्तीय स्वामित्व विशेष रूप से निर्देशों, दिशा निर्देशों, नियमों, विनियमों, रा.आ.बैंक के सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों और आदेशों का अनुपालन किया गया ।

(iv) लेखा और उससे प्राप्त आंकड़े विश्वसनीय एवं सही हैं ।

ख - दिल्ली कार्यालय और मुम्बई कार्यालय में अनुपालन की जा रही आन्तरिक नियंत्रण तथा आन्तरिक जांच प्रणाली की सैद्धान्तिक रूप में सबलता व परिचालन में प्रभावशीलता की जांच करना और उन्नयन/अतिरिक्त सुरक्षा के लिए सिफारिशें देना जो प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए वांछनीय हो सकती हैं । एक उद्देश्य यह है कि धोखाधड़ी, दुर्विनियोजन या अन्य हानियों से बचा जा सके ।  

ग - (i) पुनर्वित्त योजनाओं के बेसिक लक्षणों से सम्बद्ध जोखिम सं संबंधित प्रक्रियाओं, विभिन्न प्राथमिक ऋणदाताओं के अतिदेय मानदंडों, निवेश मानदंडों, प्रलेखन, दावा संसाधन, पुनर्वित्त जारी करना, लेखांकन आदि, दस्तावेजों का अनुरक्षण व अभिरक्षा की वास्तविक समीक्षा के बाद टिप्पणियां प्रस्तुत करना,

(ii) क्या संवितरण संस्वीकृतियों के अनुसार किया गया, क्या संस्वीकृतियां बैंक की अनुमोदित नीतियों के अनुसार हैं, पर टिप्पणी । विवेक सम्मत मानदंडों का अनुपालन जैसे आय अभिज्ञान, आस्ति वर्गीकरण और अन्य विवेक सम्मत मानदं,

(iii) आस्ति देयता असंतुलन, यदि कोई हो, के प्रबंधन की पर्याप्तता, जोखिम प्रबंधन प्रणाली की लेखा परीक्षा और परिचालन के विभिन्न क्षेत्रों में नियंत्रण प्रक्रिया जैसाकि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जाता है, के बारे में टिप्पणी,

(iv) एमआईएस के तहत विभिन्न विवरणियां प्रस्तुत करने और पर्याप्तता के बारे में टिप्पणी,

(v) धोखाधड़ी/दुर्विनियोजन रोकने, विवेकपूर्ण प्रक्रियाएं तथा डाटा का विश्वस्त/सही  प्रेषण के बारे में टिप्पणी,

(vi) परियोजना ऋणों के बारे में टिप्पणी,

(vii) पिछली रिपोर्टों में पाई गई विसंगतियों के अनुपालन/संशोधन के बारे में टिप्पणी, और

(viii) कैपिटल गेन बांड इश्यू की लेखा परीक्षा (हैदराबाद स्थित पंजीयक मैसर्स कारवी)

(ix) बैंक के जोखिम आधारित कारोबार यथा एलको, ब्याज दर संवेदन शीलता विशलेषण, ढांचागत चल निधि अनुपात, खरीदी परिसम्पत्तियों एवं संविभाग का प्रतिभूतिकरण, डीआरएस के कार्यों, एनजीओ की रेटिंग आदि की गहन लेखा परीक्षा करना ।

घ. राजकोषीय परिचालनों की समवर्ती लेखा परीक्षा (निवेश कारोबार तथा आईआरएस लेनदेनों की जांच सहित) और भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों आदि का अनुपालन जिनमें विभिन्न बाजार जोखिमों जैसे वीएआर सीमा, ब्याज दर संवेदनशीलता विवरणियों, चल निधि जोखिमों, एल्को सिफारिशों का क्रियान्वयन आदि की ओर विशेष ध्यान दिया जाए ।

च. (i) आवास वित्त कं पनियों द्वारा रा.आ.बैंक के निर्देशों के अनुपालन के बारे में टिप्पणी जिसमें सांविधिक विवरणियां समय पर प्रस्तुत करने, विवरणियों की जांच, निरीक्षण रिपोर्टों को प्रस्तुत करने और अनुवर्ती कार्रवाई व अन्य संबंधित मदें जो बैंक के विनियमन एवं पर्यवेक्षण भूमिका को सशक्त करने के लिए हों, भारत में एक मजबूत, शक्तिशाली आवास वित्त प्रणाली बनाने के लिए हों, की ओर विशेष ध्यान दिया जाए।

. रिपोर्ट

मुम्बई क्षेत्रीय कार्यालय की आन्तरिक लेखा परीक्षा रिपोर्टें और राजकोषीय परिचालनों व लेखा प्रभाग की समवर्ती लेखा परीक्षा रिपोर्टें  मासिक आधार पर अगले माह की 10वीं तारीख तक अध्यक्ष को प्रस्तुत करना।

मुख्य कार्यालय की आन्तरिक लेखा परीक्षा रिपोर्टें तिमाही आधार पर अगले माह की 30 तारीख से पहले प्रस्तुत की जाए । रिपोर्टें अध्यक्ष को प्रस्तुत करनी होंगी । यह उल्लेख किया जाए कि आन्तरिक लेखा परीक्षा रिपोर्टों में उल्लिखित टिप्पणियों की ओर उच्चस्थ प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया जाए । इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा यथा अनुमोदित बैंक की निवेश नीति के भाग स्वरूप, बैंक के राजकोष परिचालनों से संबंधित ऐसी रिपोर्टों से संगत उद्धरण भारतीय रिजर्व बैंक को नियमित आधार पर प्रस्तुत किये जाएं । रिपोर्टों में उल्लिखित टिप्पणियों का सारांश तथा उस पर प्रबंधन द्वारा की गई टिप्पणी बोर्ड की लेखा परीक्षा समिति के समक्ष समय-समय पर प्रस्तुत की जाती हैं । अतएव, यह आशा की जाती है कि रिपेर्टें समय पर प्रस्तुत करने के अतिरिक्त, जांच के दौरान पायी गई अनियमितताओं को लेखा परीक्षा के साथ ठीक कर दी जाएं । यह सुनिश्चित किया जाए कि पिछली रिपोर्ट/रिपोर्टों के बारे में अनुपालन/संशोधन अनुवर्ती रिपोर्ट में दर्शाया जाए ।

3. कार्य का अतिरिक्त क्षेत्र एवं उद्देश्य  

. ऋण लेखा परीक्षा

ऋण लेखा परीक्षा के समय मौजूदा संस्वीकृति एवं पश्च-संस्वीकृति प्रक्रिया/बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रक्रियाओं की जांच की जाती है ।

(i) ऋण लेखा परीक्षा

  • ऋण सूची की गुणवत्ता में सुधार

समीक्षा संस्वीकृति प्रक्रिया और पश्च-संस्वीकृति प्रक्रिया की स्थिति/सभी मौजूदा लेखाओं की 500 करोड़ रु. के समकक्ष या अधिक निवेश सीमा की प्रक्रिया, पुनर्वित्त के मामले में तथा प्रत्यक्ष वित्त के मामले में 25 करोड़ रु. और उनकी निष्पादकता की निगरानी ।

  • विनियामक  अनुपालन के बारे में फीडबैक
  • ऋण गुणवत्ता और ऋण प्रशासन को उन्न्त करने के लिए संस्तुत सुधारात्मक कार्य

(ii) क्षेत्र और कवरेज

ऋण लेखा परीक्षा का क्षेत्र लेखा से विस्तृत करके समग्र पोर्टफोलियो और अनुपालन की जा रही ऋण प्रक्रिया तक करने की आवश्यकता है । महत्वपूर्ण क्षेत्र निम्नानुसार हैं :

     (क) पोर्टफोलियो समीक्षा : संस्वीकृति प्रक्रिया और पश्च  संस्वीकृति प्रक्रिया/प्रक्रियाओं (जो केवल बड़े खातों तक सीमित नहीं हैं) की समीक्षा करना ।

  • सभी नए प्रस्ताव और सीमाओं के नवीकरण के लिए प्रस्ताव (संस्वीकृति से 3-6 माह के अंदर)
  • शेष पोर्टफोलियो से औचक चयनित (लगभग 10%) प्रस्ताव

(ख) समीक्षा के लिए कार्रवाई बिंदु

  • संस्वीकृति के संबंध में बैंक की निर्दिष्ट नीतियों का अनुपालन  और विनियामक अनुपालन  
  • प्रलेखन की पर्याप्तता की जांच
  • खातों के परिचालन व अनुवर्ती कार्य की जांच
  • गंभीर अनियमितताओं के बारे में संबंधित प्राधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की जांच
  • तुरत चेतावनी वाले संकेतों का पता लगाना व उनके सुधार के लिए उपायों का सुझाव देना
 

(iii) समीक्षा की आवृत्ति

  1. समीक्षा की आवृत्ति जोखिम के प्रभाव के अनुसार भिन्न-भिन्न होनी चाहिए (यथा, भारी जोखिम वाले खातों के लिए 3 माह से अधिक जिनमें पुनर्वित्त/प्रत्यक्ष वित्त के रूप में 500 करोड़ रु. और अधिक का निवेश होता हो, औसत जोखिम खातों के लिए  6 माह, कम जोखिम खातों के लिए 1 वर्ष)
  2. सामान्य विनियामक अनुपालन के बारे में फीडबैक
  3. प्रक्रियाओं और कार्यों की पर्याप्तता की जांच
  4. ऋण जोखिम मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा
  5. रिपोर्टिंग पद्धति और उसमें अपवादों की जांच
  6. ऋण प्रशासन के लिए सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करना
  7. एमआईएस की पर्याप्तता व उसके अनुपालन की जांच

. विधिक लेखा परीक्षा  

मुख्य क्षेत्र निम्नानुसार हो सकता है :

(i) बैंक के अपने आन्तरिक नीति दिशा निर्देशों के अनुसार समग्र प्रलेखन और परिचालन क्षेत्र में समुचित अभिरक्षा को शामिल करना चाहिए ।

(ii) व्यवहार्य सुझाव/सुधार उपाय/विधिक जोखिमों को दूर करने के लिए सुझाए गए मुख्य उपाय/प्रलेखन/ करार/सहयोग करने में कानूनी कमी

. शिकायतों की लेखा परीक्षा  

विविध कार्रवाइयों के कारण पैदा होने वाले ये प्रमुख क्षेत्र होते हैं जो रा.आ.बैंक/आवास वित्त कंपनियों में जमाकर्ताओं या आवास वित्त कंपनियों द्वारा प्रदत्त आवास ऋणों से संबंधित हो सकते हैं । यह मुख्यत: ग्राहक सेवा एवं ग्राहक संतुष्टि से संबंधित होते हैं ।

यह लेखा परीक्षा यथा प्राप्त/निपटाई/लंबित शिकायतों की संख्या आदि, तिमाही आधार पर आन्तरिक लेखा परीक्षा से संबंधित कार्य के लिए की जा सकती है ।

. राजस्व/आय क्षरण

राजस्व में क्षरण के अनेक कारण हो सकते हैं । राजस्व क्षरण की संभावना विभिन्न प्रकार के भारी लेनदेनों से रहती है जिसमें ग्राहकों की भारी राशि और वित्तीय सूचना जिसे लगातार अद्यतन करने की जरूरत होती है, में होजाती है । यह परिसम्पत्तियों और देयताओं दोनों से संबंधित हो सकती है । परिचालनात्मक क्षेत्र जिनमें राजस्व/आय क्षरण की संभावना रहती है, की संवीक्षा आवश्यक होती है और ऐसे क्षरणों को रोकने के लिए सुधारात्मक सुझाव देना भी वांछनीय होता है ।

 
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