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एन एच बी रेजीडेक्स

एनएचबी रेजीडेक्स के बारे में
 

आवास एवं अचल सम्पत्ति का वस्तुगत एवं वित्तीय परिसम्पत्तियों के सृजन के लिए एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में और समग्र राष्ट्रीय सम्पत्ति में महत्व को दृष्टिगत रखते हुए, एक ऐसा तंत्र तैयार करने की जरूरत अनुभव की गई जो रिहायशी आवास के क्षेत्र में मूल्यों के उतार-चढ़ाव का रिकार्ड रख सके । मकानों के मूल्यों पर नियमित रूप से एकत्रित जानकारी से रुचि रखने वाले विभिन्न ग्रुपों को लाभ हो सकता है ।

तदनुसार, राष्ट्रीय आवास बैंक ने वित्त मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसा सूचकांक तैयार करने की व्यवहारिकता का पता लगाने के लिए एक पायलट अध्ययन किया । इस पायलट अध्ययन में पांच शहरों - बैंगलूरू, भोपाल, दिल्ली, कोलकाता और मुम्बई को शामिल किया गया । इसके अतिरिक्त, एक तकनीकी परामर्श ग्रुप का गठन किया गया जिसमें परामर्शदाता, वित्त मंत्रालय, अध्यक्ष के रूप में और भारतीय रिजर्व बैंक, एनएसएसओ, सीएसओ, श्रम ब्यूरो, रा.आ.बैंक तथा बाजार से अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया ताकि प्रणाली, आंकड़ों का संकलन करने और एक उपयुक्तअ सूचकांक के निर्माण प्रक्रिया में मार्गदर्शन भी किया जा सके । तकनीकी परामर्श ग्रुप के अध्ययन के परिणामों और सिफारिशों के आधार पर, रा.आ.बैंक ने जुलाई 2007 में श्री पी. चिदंबरम (माननीय वित्त मंत्री) द्वारा आवासीय सम्पत्ति कं मूल्यों का संकलन करने के लिए रेजीडेक्स की शुरूआत की । अब तक यह मार्च 2015 को समाप्‍त तिमाही तक अद्यतन कर लिया गया है ।

10 जुलाई, 2007 को एनएचबी रेजीडेक्स

श पी. चिदम्बरम (माननीय वित्त मंत्री) और का शुभारंभ करते हुए कु. शैलजा (माननीय शहरी रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री)

एनएचबी रेजीडेक्स को तैयार करने के लिए मार्गदर्शन व अवलोकन करने तथा जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत सभी 63 शहरों को शामिल करने के लिए विस्तार करने, राष्ट्रीय आवास बैंक के अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में तकनीकी विशेषज्ञों के साथ एक स्थायी समिति का गठन किया गया जिसमें भारत सरकार, (वित्त मंत्रालय, एनएसएसओ, सीएसओ, श्रम ब्यूरो), भारतीय रिजर्व बैंक तथा बाजार के प्रमुख व्यक्तियों को शामिल किया गया ।

फिलहाल, केवल रिहायशी क्षेत्रों का ही सूचकांक तैयार किया जा रहा है । यद्यपि, बाद में, इस प्राप्त अनुभव के आधार पर विस्तृत भूगौलिक क्षेत्रों का सूचकांक तैयार किया जाएगा, वाणिज्यिक सम्पत्ति तथा भूमि के लिए पृथक सूचकांक तैयार करने के लिए इसके क्षेत्र को विस्तृत किया जा सकता है, उन दोनों के सहारे अचल सम्पत्ति मूल्य सूचकांक तैयार हो सकता है ।

एनएचबी रेजीडेक्स : मुख्य विशेषताएं

  • पायलट अध्ययन में शामिल किये गए पांच शहर - दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, बैंगलूरू और भोपाल देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं ।
  • अध्ययन के लिए वास्तविक मूल्यों को लिया गया ताकि एक ऐसा सूचकांक तैयार हो सके जो बाजार प्रवृत्ति को दर्शाए ।
  • अध्ययन के लिए वर्ष 2001 को बेस वर्ष लिया गया जिसमें थोक मूल्य सूचकांक व उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को लिया गया । 2001-2005 की अवधि के दौरान प्रत्येक वर्ष में मूल्य उतार-चढ़ाव को अध्ययन में लिया गया तथा तत्पश्चात अगले दो वर्षों अर्थात 2007 तक, के लिए उसे अद्यतन किया गया ।
  • तत्पश्चात, एनएचबी रेजीडेक्स का क्षेत्र विस्तृत करके दस और शहरों जैसे अहमदाबाद, फरीदाबाद, चेन्नै, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, पटना, लखनऊ, पुणे और सूरत को शामिल किया गया ।
  • पिछला अद्यतन और 10 और शहरों को एनएचबी रेजीडेक्स में शामिल करते समय, बेस वर्ष 2001 से बदल कर 2007 कर दिया गया ।
  • जनवरी-मार्च, 2012 तिमाही से एनएचबी रेजीडेक्स 5 और शहरों तक विस्तागरित किया गया जो हैं भुवनेश्व्र, गुवाहाटी, लुधियाना, विजयवाडा़ और इंदौर।
  • दिल्ली की सूचकांक को गुड़गांव, नोएडा, गेटर नोएडा और गाजियाबाद को कवर करने हेतु विसतारित किया गया जिससे इसका कवरेज राष्ट्री7य राजधानी क्षेत्र तक विस्ताऔरित हो गया। तथापि, अप्रैल-जून, 2012 से दिल्ली का सूचकांक राष्ट्रीिय राजधानी क्षेत्र को कर कर रहा है।
  • इसके अतिरिक्त , जनवरी-मार्च, 2013 की तिमाही से एनएचबी रेजीडेक्स् में 6 नए शहर शामिल हुए जिनके नाम हैं चंडीगढ़, कोयम्बरटूर, देहरादून, मेरठ, नागपुर और रायपुर, इस प्रकार कुल 26 शहरों को कवर किया जा रहा है।
  • सरसाई के आंकड़े का इस्‍तेमाल कर 2007 आधार वर्ष के साथ एनएचबी रेजीडेक्स मार्च, 2015 की तिमाही (जनवरी-मार्च, 2015) तक अद्यतन किया गया ।
  • मूल्यों का अध्ययन प्रत्येक शहर के विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों/सम्पत्ति कर क्षेत्रों का किया गया ।
  • सूचकांक को मूल्य सापेक्ष विधि के साथ भारित औसत पद्धति (संशोधित लैसपियरे एप्रोच) का प्रयोग करके तैयार किया गया ।
  • मकानों के मूल्यों के प्राथमिक आंकड़े राष्ट्रीय ख्याति के प्राइवेट सलाहकार/अनुसंधान संगठनों की सेवाएं लेकर अचल सम्पत्ति के एजेंटों से एकत्रित किये जा रहे हैं, इसके अतिरिक्त मकानों के मूल्यों के आंकड़े आवास वित्त कंपनियों एवं बैंकों से भी एकत्र किये जा रहे हैं, जो उन संस्थानों द्वारा दिये गए आवास ऋणों पर आधारित होते हैं ।

भावी योजना  

एनएचबी रेजीडेक्स को उन 63 शहरों तक विस्तृत करना है, जो जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन में शामिल हैं, जिससे यह वास्तव में एक राष्ट्रीय सूचकांक चरण बद्ध आधार पर बन सके। कुछ चयनित शहरों की आवासीय सम्पत्ति का मूल्य सूचकांक तैयार किया जा रहा है तत्पश्चात शहरों के आधार पर तैयार सूचकांकों को उपयुक्त ढंग से मिलाकर एक अखिल भारतीय समेकित सूचकांक तैयार किया जाएगा जिससे मकानों के मूल्यों में विभिन्न स्तरों पर हुए अस्थायी परिवर्तनों की तुलना की जा सकेगी ।
 
 
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