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अधिसूचना
भारत का राजपत्र
असाधारण
भाग-II, खंड-3, उप-खंड (ii)
 
सं.1376ज् नई दिल्ली, मंगलवार, सितम्बर 30, 2008/आश्विन 8, 1930
 
वित्त मंत्रालय
(राजस्व विभाग)

(केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 30 सितम्बर, 2008
(आयकर)
 
एस.ओ.2310(ई) - आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 47 के खंड (XVI) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में, केन्द्र सरकार एतद्द्वारा निम्नलिखित योजना बनाती है, नामत:-
 

1. संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ और अनुप्रयोग

  1. इस योजना को रिवर्स मॉर्टगेज योजना, 2008 कहा जाएगा ।
  2. इसे अप्रैल, 2008 के प्रथम दिन से लागू हो गई माना जाएगा ।
  3. योजना में यथा अन्यथा उपबंधित को छोड़कर, यह सभी ग्राह्य व्यक्तियों के लिए लागू होगी ।
 

2. परिभाषाएं - इस योजना में, जब तक प्रसंग में अन्यथा अपेक्षित न हो, -

  1. "अधिनियम" का अर्थ है आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) ।
  2. "अनुमोदित ऋणदाता संस्थान" से अर्थ है -
    1. राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 (1987 का 53) की धारा-3 के अधीन स्थापित राष्ट्रीय आवास बैंक;
    2. भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में शामिल कोई भी अनुसूचित बैंक ।
    3. राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजीकृत कोई भी आवास वित्त कंपनी ।
  3. "बोर्ड" से अर्थ है - राजस्व अधिनियम, 1963 (1963 का 54)) के केन्द्रीय बोर्डोंके अधीन गठित प्रत्यक्ष करों का केन्द्रीय बोर्ड;
  4. "पूंजीगत आस्ति" से अर्थ है - कोई रिहायशी आवासीय संपत्ति, जो भारत में अवस्थित है;
  5. "ग्राह्य व्यक्ति" से अर्थ है -
    1. कोई भी व्यक्ति, जिसकी आयु 60 वर्ष अथवा उससे अधिक है ।
    2. कोई भी विवाहित युगल (जोड़ा) जिनमें से पति अथवा पत्नी की आयु 60 वर्ष अथवा उससे अधिक है ।
  6. "रिवर्स मॉर्टगेज" का अर्थ है - किसी ग्राह्य व्यक्ति द्वारा किसी अनुमोदित ऋणदाता संस्थान से प्राप्त किसी ऋण के लिए किसी पूंजीगत आस्ति का बंधक ।
  7. "रिवर्स मॉर्टगेज" का अर्थ है - ऐसा ग्राह्य व्यक्ति, जिसने ऋण प्राप्त करने के उद्देश्य से पूंजीगत आस्ति बंधक रखी है ।
  8. "रिवर्स मॉर्टगेज संबंधी लेनदेन" से एक ऐसे लेनदेन का अर्थ है जिसमें ऋण रिवर्स मॉर्टगेजर (विपरीत बंधककर्ता) को संवितरित किया जा सकता है किन्तु इसमें ऋण के परिनिर्धारण के लिए संपत्ति के विक्रय अथवा निपटान संबंधी लेनदेन शामिल नहीं है ।
  9. यहां प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित और अधिनियम में परिभाषित अन्य सभी शब्दों एवं अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो क्रमश: उन्हें अधिनियम में समनुदेशित किया गया है ।

3. रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) संबंधी लेनदेन के लिए आवेदन एवं प्रक्रिया

  1. कोई ऐसा ग्राह्य व्यक्ति अनुमोदित ऋणदाता संस्थान को लिखित में आवेदन करके रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) संबंधी लेनदेन कर सकता है, यदि वह उसे पूंजीगत आस्ति, जो बंधक रखी जा रही है, का -
    1. स्वामी है, और
    2. यह किसी भी ऋणभार से मुक्त है ।
  2. उप-नियम (1) के अधीन आवेदन पर प्रक्रिया अनुमोदित ऋणदाता संस्थान आगे बढ़ाएगा और इस प्रयोजनार्थ, यह संस्थान यथा प्रक्रिया शुल्क नाममात्र की राशि प्रभारित कर सकता है ।

4. रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण की मंज़ूरी - (1) अनुमोदित ऋणदाता संस्थान पूंजीगत आस्ति को बंधक रखने से पहले ओर रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) के अधीन कोई भी ऋण संवितरित करने से पहले -

  1. रिवर्स मॉर्टगेजर(विपरीत बंधककर्ता) के साथ एक ऋण करार पर हस्ताक्षर करेगा, और
  2. रिवर्स मॉर्टगेजर (विपरीत बंधककर्ता) से निम्नलिखित विवरण प्राप्त करेगा और रखेगा, अर्थात्
    1. पूंजीगत आस्ति के स्वामी का नाम और पता
    2. पूंजीगत आस्ति के स्वामी की स्थायी खाता संख्या
    3. पूंजीगत आस्ति का निर्मित अथवा आच्छादित क्षेत्र सहित कुल क्षेत्र
    4. पूंजीगत आस्ति के अर्जन की लागत और अहर्जन का वर्ष
    5. पूंजीगत आस्ति के सुधार की लागत और सुधार का वर्ष
    6. पूंजीगत आस्ति की संपदा के स्वामी और सभी वैध वारिसों के नाम, पता एवं स्थायी खाता संख्या
    7. ऋण की अवधि के चलते पूंजीगत आस्ति में किए गए किसी परिवर्तन सहित, उसके स्वामी की पंजीकृत वसीयत की एक प्रति ।

5. ऋण का संवितरण - (1) अनुमोदित ऋणदाता संस्थान निम्नलिखित में से किसी एक अथवा अधिक साधनों से रिवर्स मॉर्टगेजर (विपरीत बंधककर्ता) को ऋण संवितरित कर सकता है, अर्थात्

  1. अनुमोदित ऋणदाता संसान एवं रिवर्स मॉर्टगेजर (विपरीत बंधककर्ता) के बीच विनिश्चित किए जाने वाला आवधिक भुगतान ।
  2. एक अथवा अधिक श्ञंखला में एकमुश्त भुगतान की इतनी राशि कि एकमुश्त भुगतान के रूप में संवितरित कुल राशि मंज़ूर की गई ऋण की कुल राशि के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं है ।

6. रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण की अवधि - रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) के अधीन ऋण रिवर्स मॉर्टगेजर (विपरीत बंधककर्ता) ओर अनुमोदित ऋणदाता संस्थान द्वारा करार पर हस्ताक्षर किए जाने की तारीख से 20 वर्षें से अधिक की अवधि के लिए मंज़ूर नहीं किया जाएगा ।

7. ऋण का पुनर्भुगतान - रिवर्स मॉर्टगेजर (विपरीत बंधककर्ता) अथवा उसके वैध वारित अथवा संपदा ऋण के पुरोबंध के समय पर अनुमोदित ऋणदाता संस्थान को ऋण के मूलधन का ब्याज सहित पुनर्भुगतान करने के भागी होंगे ।

 
ढअधिसूचना सं.93/2008/एफ.सं.142/06/2008-टीपीएलज्
 
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